बैगन की खेती

वैज्ञानिक तरीके से करे बैगन की खेती

सामान्य परिचय  :-  किसान बाग़वानी में आज बैंगन की खेती को वैज्ञानिक तरीके से कैसे करते है। इस पर बतायेग

परिचय   बैंगन की खेती भारत और चीन में ज्यादा की जाती है। ऊंचे पहाड़ि इलाकों को छोड़कर पुरे देश में इसकी खेती की जा सकती है। क्यों की भारत की जलवायु गर्म होती है और ये began ki kheti के लिए उपयुक्त रहती है।

बैंगन की किस्में :-

 बैंगन की बहुत सारी किस्में होती है। में कुछ विशेष किस्मों के बारे में यहाँ पर बताउगा जो hiybird है। और अच्छा उत्पादन देने वाली होती है।

1 पूसा  Read : बैगन की खेती about बैगन की खेती

पपिते की खेती

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पपिते की खेती

पपीता की खेती करने से आपको कम खर्च में ज्यादा benefit हो सकता है। खाने में स्‍वादिष्‍ट लगने वाला फल पपीता में विटामिन ए, सी और इ पाया जाता है। पपीते में  पपेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो अतिरिक्त चर्बी को गलाने के काम आता है। पपीता सबसे कम समय में तैयार होने वाला फल है जिसे पके तथा कच्चे दोनों रूप में प्रयोग किया जाता है। इसलिए इसकी खेती कि लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है।  Read : पपिते की खेती about पपिते की खेती

मूली की खेती कैसे करे

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मूली की खेती कैसे करे

मूली वा मूलक भूमी के अन्दर पैदा होने वाली सब्ज़ी है। वस्तुतः यह एक रूपान्तिरत प्रधान जड़ है जो बीच में मोटी और दोनों सिरों की ओर क्रमशः पतली होती है। मूली पूरे विश्व में उगायी एवं खायी जाती है। मूली की अनेक प्रजातियाँ हैं जो आकार, रंग एवं पैदा होने में लगने वाले समय के आधार पर भिन्न-भिन्न होती है। कुछ प्रजातियाँ तेल उत्पादन के लिये भी उगायी जाती है। Read : मूली की खेती कैसे करे about मूली की खेती कैसे करे

गेहूं की अधिक उपज देने वाली किस्में

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अच्छी फसल लेने के लिए गेहूं की किस्मों का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। विभिन्न अनुकूल क्षेत्रों में समय पर, तथा प्रतिकूल जलवायु, व भूमि की परिस्थितियों में, पक कर तैयार होने वाली, अधिक उपज देने वाली व प्रकाशन प्रभावहीन किस्में उपलब्ध हैं। उनमें से अनेक रतुआरोधी हैं। यद्यपि `कल्याण सोना' लगातार रोग ग्रहणशील बनता चला जा रहा है, लेकिन तब भी समय पर बुआई और सूखे वाले क्षेत्रों में जहां कि रतुआ नहीं लगता, अच्छी प्रकार उगाया जाता है। अब `सोनालिका' आमतौर पर रतुआ से मुक्त है और उन सभी क्षेत्रों के लिए उपयोगी है, जहां किसान अल्पकालिक (अगेती) किस्म उगाना पसन्द करते हैं। द्विगुणी बौनी Read : गेहूं की अधिक उपज देने वाली किस्में about गेहूं की अधिक उपज देने वाली किस्में

बीन्स की फलियों की खेती इस प्रकार

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बीन्स यानी फलियां लेगुमिनेसी परिवार से संबंध रखती है और अपने हरे फलियों के लिए देश भर में उपजाई जाने वाली सब्जी की एक बहुत महत्वपूर्ण फसल है। फलियों के पौधे में उपर चढ़ने की प्रवृत्ति भी पाई जाती है। भारत में इन फलियों का इस्तेमाल रोजमर्रा की सब्जियों में, मवेशियों के चारे के तौर पर और मिट्टी में सुधार के लिए भी किया जाता है। हरी फलियों की खेती उनके पूरी तरह पकने से पहले बीन्स के फली में रहते हुए की जाती है। यह दूसरी फली वाली सब्जियों के मुकाबले ज्यादा पोष्टिक होते हैं, यही वजह है कि स्थानीय बाजार में इनकी बहुत अच्छी मांग होती है। इस आलेख में भारत में होनेवाली फली (बीन्स) और फ्रेंच बीन्स के Read : बीन्स की फलियों की खेती इस प्रकार about बीन्स की फलियों की खेती इस प्रकार

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