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उन्नत तरीके से करे गन्ने की खेती

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 भारत में गन्ने की खेती काफी बड़े स्तर पर की जाती है। इस लेख में आप जानेंगे कि किस तरह कम लागत में गन्ने की खेती कर आप अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।गन्ने की फसल को अच्छे से बढ़ने के लिए अधिक समय के लिए गर्म और नमी युक्त मौसम का होना आवश्यक है, साथ ही गन्ने के लिए अधिक बारिश का होना भी आवश्यक है। गन्ने की फसल की बुआई के लिए तापमान 25 डिग्री से 30 डिग्री सेंटीग्रेट होना बेहतर रहता है।  गन्ने की फसल की बुवाई के लिए अक्टूबर से नवंबर का महीना उपयुक्त रहता है, लेकिन फरवरी से मार्च के महीने में भी गन्ने की खेती की जा सकती है। गन्ने की फसल से अधिक वजन पाने के लिए 20 से 2 Read : उन्नत तरीके से करे गन्ने की खेती about उन्नत तरीके से करे गन्ने की खेती

स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी

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स्ट्राबेरी : तकनीक को स्वाईल लेस कल्टीवेशन याने बिना माटी के खेती कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने इसे हाइड्रोपोनिक्स यानी जलकृषि नाम दिया है। इसमें मिट्टी का प्रयोग नहीं होता है।  पौधों को  ंपाईप के माध्यम से उगाया जाता है पौधो की साईज एवं प्रजाति के अनुसार पाईप का चयन किया जाता है तथा एक निश्चित दुरी पर इनमें गोल छेंद बनाकर जाली नुमा कप में पौधो को रखा जाता है तथा सभी पाईप को एक दूसरे से नलियों के माध्यम से जोड़ा जाता है तथा इनमें पानी को बहाया जाता है।  परंतु सिर्फ पानी बहाने से पौधे नहीं उगते, बल्कि अन्य इंतजाम करने होते हैं। इसमें पौधों के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों का Read : स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी about स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी

लीची की उन्नत तकनीक खेती

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लीची एक तकनीक है जिसे वैज्ञानिक नाम से बुलाते हैं, जीनस लीची का एकमात्र सदस्य है। इसका परिवार है सोपबैरी। यह ऊष्णकटिबन्धीय फ़ल है, जिसका मूल निवास चीन है। यह सामान्यतः मैडागास्कर, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, दक्षिण ताइवान, उत्तरी वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस और दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है।
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राजमा की खेती करे इस प्रकार

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आजकल पूरे देश में शाकाहारी भोजन में राजमा का चलन बढ़ता जा रहा है. राजमा एक ओर जहां खाने में स्वादिष्ठ और स्वास्थ्यवर्धक है, वहीं दूसरी ओर मुनाफे के लिहाज से किसानों के लिए बहुत अच्छी दलहनी फसल है, जो मिट्टी की बिगड़ती हुई सेहत को भी कुछ हद तक सुधारने का माद्दा रखती है. Read : राजमा की खेती करे इस प्रकार about राजमा की खेती करे इस प्रकार

हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार

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भूमि को  तैयार करे 
हल्दी की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिये भूमि की अच्छी तैयारी करने की आवश्यकता होती है क्योंकि यह जमीन के अंदर होती है जिससे जमीन को अच्छी तरह से भुरभुरी बनाया जाना आवश्यक हैं। मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई करके 3-4 बार कल्टीवेटर या हैरो से जुताई करना चाहिए। Read : हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार about हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार

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