Neetu's blog

स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी

Neetu's picture

स्ट्राबेरी : तकनीक को स्वाईल लेस कल्टीवेशन याने बिना माटी के खेती कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने इसे हाइड्रोपोनिक्स यानी जलकृषि नाम दिया है। इसमें मिट्टी का प्रयोग नहीं होता है।  पौधों को  ंपाईप के माध्यम से उगाया जाता है पौधो की साईज एवं प्रजाति के अनुसार पाईप का चयन किया जाता है तथा एक निश्चित दुरी पर इनमें गोल छेंद बनाकर जाली नुमा कप में पौधो को रखा जाता है तथा सभी पाईप को एक दूसरे से नलियों के माध्यम से जोड़ा जाता है तथा इनमें पानी को बहाया जाता है।  परंतु सिर्फ पानी बहाने से पौधे नहीं उगते, बल्कि अन्य इंतजाम करने होते हैं। इसमें पौधों के विकास के लिए जरूरी पोषक तत्वों का Read : स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी about स्ट्राबेरी की खेती करे बिना मिटटी

लीची की उन्नत तकनीक खेती

Neetu's picture

लीची एक तकनीक है जिसे वैज्ञानिक नाम से बुलाते हैं, जीनस लीची का एकमात्र सदस्य है। इसका परिवार है सोपबैरी। यह ऊष्णकटिबन्धीय फ़ल है, जिसका मूल निवास चीन है। यह सामान्यतः मैडागास्कर, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, दक्षिण ताइवान, उत्तरी वियतनाम, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस और दक्षिण अफ्रीका में पायी जाती है।
Read : लीची की उन्नत तकनीक खेती about लीची की उन्नत तकनीक खेती

राजमा की खेती करे इस प्रकार

Neetu's picture

आजकल पूरे देश में शाकाहारी भोजन में राजमा का चलन बढ़ता जा रहा है. राजमा एक ओर जहां खाने में स्वादिष्ठ और स्वास्थ्यवर्धक है, वहीं दूसरी ओर मुनाफे के लिहाज से किसानों के लिए बहुत अच्छी दलहनी फसल है, जो मिट्टी की बिगड़ती हुई सेहत को भी कुछ हद तक सुधारने का माद्दा रखती है. Read : राजमा की खेती करे इस प्रकार about राजमा की खेती करे इस प्रकार

हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार

Neetu's picture

भूमि को  तैयार करे 
हल्दी की अच्छी उपज प्राप्त करने के लिये भूमि की अच्छी तैयारी करने की आवश्यकता होती है क्योंकि यह जमीन के अंदर होती है जिससे जमीन को अच्छी तरह से भुरभुरी बनाया जाना आवश्यक हैं। मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई करके 3-4 बार कल्टीवेटर या हैरो से जुताई करना चाहिए। Read : हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार about हल्दी की वैज्ञानिक खेती इस प्रकार

गेहूं की अधिक पैदावार देने वाली किस्मे

Neetu's picture

अच्छी फसल लेने के लिए गेहूं की किस्मों का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। विभिन्न अनुकूल क्षेत्रों में समय पर, तथा प्रतिकूल जलवायु, व भूमि की परिस्थितियों में, पक कर तैयार होने वाली, अधिक उपज देने वाली व प्रकाशन प्रभावहीन किस्में उपलब्ध हैं। उनमें से अनेक रतुआरोधी हैं। यद्यपि `कल्याण सोना' लगातार रोग ग्रहणशील बनता चला जा रहा है, लेकिन तब भी समय पर बुआई और सूखे वाले क्षेत्रों में जहां कि रतुआ नहीं लगता, अ Read : गेहूं की अधिक पैदावार देने वाली किस्मे about गेहूं की अधिक पैदावार देने वाली किस्मे

Pages

Subscribe to RSS - Neetu's blog