कपास की फसल पर कीटों के प्रकोप के समाधान पर काम कर रही है सरकार

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कपास की फसल पर कीटों के प्रकोप के समाधान पर काम कर रही है सरकार

सरकार गुजरात और आंध्र प्रदेश के कुछ भागों में बीटी प्रौद्योगिकी वाली कपास की फसलों को भी नुकसान पहुंचाने पिंक बॉलवार्म के प्रकोप का समाधान निकालने में लगी है। बीटी कपास की किस्मों की प्रतीष्ठा कीट प्रतिरोधी फसल की रही है। वर्ष 2006 में मोन्सेन्टो के द्वारा पेश किये गये बी टी कपास की दूसरी पीढ़ी की किस्म बॉलगार्ड टू को पिंक बॉलवार्म कीट का प्रतिरोधक माना जाता है।

 

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया,  बी टी कपास फसल पर पिंक बॉलवार्म कीटों का हमला निश्चित तौर पर सौराष्ट्र के कुछ भागों में और आंध्र प्रदेश के कुछ जिलों में दिखा है। ऐसे मामले अन्य उत्पादक क्षेत्रों से सुनने को नहीं मिले हैं। हम करीबी रूप से स्थितियों की निगरानी कर रहे हैं।

 

अधिकारी ने कहा कि केन्द्रीय कपास शोध संस्थान :सीआईसीआर: के अधिकारियों सहित एक विशेषग्य दल, जिन्होंने इन दो राज्यों के कीट से प्रभावित कपास क्षेत्रों के कुछ हिस्सों का दौरा किया, ने पाया कि पिंक बॉलवार्म ने बी टी कपास किस्म, बॉलगार्ड टू के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है।

 

कीटों के प्रसार को नियंत्रित करने के उपायों के बारे में पूछने पर अधिकारी ने कहा,  हम समधान की खोज के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद :आईसीएआर: के साथ साथ बीज उद्योग के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं। वैग्यानिक इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। राज्यों को समुचित परामर्श जारी किये जायेंगे

 

 

 

 

 

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